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May 21, 2021
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Mausam Shayari Weather Poetry – Hindi Mein Garmi Ke Dohe

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इस गर्मी में रात दिन जब बहे पसीना धार।
आइसक्रीम और कुल्फी की मची रहे भरमार।

रहिमन कूलर राखिये बिन कूलर सब सून।
कूलर बिना ना किसी को, गर्मी में मिले सुकून।

एसी जो देखन मैं गया एसी ना मिलया कोय।
जब घर लौटा आपने गर्मी में ऐसी-तैसी होय।

तपती गर्मी देख के, गया सबका मन घबराय।
जितनी एसी पंखे हैं सब इक इक ल्यो कब्जाय।

बिजली का बिल देखकर दिया कबीरा रोय।
कूलर एसी के फेर में खाता बचा ना कोय।

बाट ना देखिए एसी की चला लीजिए फैन।
चार दिनों की बात है फिर आगे सब चैन।

पंखा झेलत रात गई आई ना लेकिन लाईट।
मच्छर गाते रहे कान में गाना तंदूरी नाईट।

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Mausam Shayari Weather Poetry
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